कश्मीर में सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद, जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हुई, भारतीय सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई शुरू की है।
- पहलगाम हमले के बाद, भारतीय सुरक्षा बलों ने कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी और गिरफ्तारी अभियान तेज कर दिए हैं।
- करीब 2,000 लोगों को हिरासत में लिया गया है और 9 से अधिक घरों को विस्फोट कर नष्ट कर दिया गया है।
- सुरक्षा बलों का कहना है कि वे उन घरों को ध्वस्त कर रहे हैं जहाँ विस्फोटक पाए गए हैं, लेकिन स्थानीय निवासी इसे “सामूहिक सज़ा” मान रहे हैं।
- हमले में नामजद आतंकी आदिल ठोकर के घर को भी मलबे में तब्दील कर दिया गया है।
- स्थानीय पत्रकारों और मानवाधिकार समूहों ने सुरक्षा बलों पर मनमानी गिरफ्तारी और बलप्रयोग का आरोप लगाया है।

✊ आम नागरिकों की प्रतिक्रिया
- हमले के बाद कश्मीरी लोगों ने हमले की कड़ी निंदा की, मस्जिदों में दुआएँ हुईं और शांति मार्च निकाले गए।
- स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि “आतंकियों की सज़ा आम जनता को क्यों दी जा रही है?”
- पूर्व मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने कहा: “दोषियों को सज़ा दीजिए, लेकिन निर्दोषों को मत घसीटिए।”
⚠️ बढ़ते तनाव
- हमले के बाद पूरे देश में कश्मीरी मुसलमानों के खिलाफ भावनाएँ भड़क रही हैं।
- सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर “बदला लो” जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
- कई राज्यों में कश्मीरी छात्रों पर हमलों की खबरें हैं, जिससे वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
- स्थानीय प्रतिक्रिया: कई स्थानीय नेता इस कार्रवाई को सामूहिक दंड करार दे रहे हैं, जबकि मानवाधिकार संगठनों ने भी चिंता व्यक्त की है।
- पर्यटन पर प्रभाव: इस हिंसा और उसके बाद के प्रतिबंधों ने स्थानीय पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान पहुँचाया है, जिससे लाखों की संख्या में बुकिंग रद्द हुई हैं और पर्यटक क्षेत्र छोड़कर जा रहे हैं।
